आत्मा परियोजना के तहत उत्तरकाशी के किसानों को मिलेगा आधुनिक जैविक एवं प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण
देहरादून/उत्तरकाशी।
उत्तराखंड को जैविक राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए बुधवार को किसान भवन स्थित उत्तराखंड जैविक उत्पादक परिषद, देहरादून में ‘जैविक एवं प्राकृतिक खेती’ विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षण का उद्घाटन उत्तराखंड जैविक उत्पादक परिषद के प्रबंध निदेशक नवीन बर्फल ने किया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तरकाशी जनपद के 40 प्रगतिशील किसानों को आत्मा (ATMA) परियोजना के अंतर्गत शामिल किया गया है। किसानों को मुख्य कृषि अधिकारी, उत्तरकाशी के नेतृत्व में प्रशिक्षण के लिए देहरादून भेजा गया।

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकों, उन्नत कृषि पद्धतियों, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जैविक उत्पादों के बेहतर उत्पादन, गुणवत्ता सुधार तथा विपणन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
उत्तराखंड जैविक उत्पादक परिषद के अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में परिषद समय-समय पर किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें नवीन तकनीकों और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों से जोड़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत कम करने तथा उत्तराखंड को पूर्णतः जैविक राज्य बनाने के लक्ष्य को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
