
महिलाओं के लिए सुरक्षित और दीर्घकालिक गर्भनिरोधक विधि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम
देहरादून (सुनिए सरकार)। दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में महिलाओं के परिवार नियोजन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सबडर्मल कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट (Subdermal Contraceptive Implant) विषय पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत चिकित्सकों की क्षमता वृद्धि करना तथा आधुनिक और सुरक्षित गर्भनिरोधक सेवाओं को स्वास्थ्य संस्थानों तक प्रभावी रूप से पहुंचाना था।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में डॉ. गीता जैन, डॉ. रोली सेठ (एडिशनल डायरेक्टर प्रोग्राम, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय) तथा डॉ. ललितिका (AIIMS ऋषिकेश) ने प्रतिभागियों को सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों प्रकार का प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान सबडर्मल इम्प्लांट की तकनीक, इसके सुरक्षित उपयोग, मरीज चयन, परामर्श प्रक्रिया तथा संभावित जटिलताओं के प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
इस प्रशिक्षण में उत्तराखंड के विभिन्न तृतीयक (Tertiary Care) अस्पतालों और जिला अस्पतालों से आए आठ चिकित्सकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को सबडर्मल कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट लगाने और निकालने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया गया, जिससे वे अपने-अपने स्वास्थ्य संस्थानों में इस सेवा को प्रभावी रूप से उपलब्ध करा सकें।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने बताया कि सबडर्मल कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट एक दीर्घकालिक, सुरक्षित और प्रभावी गर्भनिरोधक विधि है, जो महिलाओं को कई वर्षों तक अनचाहे गर्भ से सुरक्षित रखने में सहायक होती है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से राज्य में गुणवत्तापूर्ण परिवार नियोजन सेवाओं को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा।
