CBI एक्शन: ठाणे GST केस में तीन पर FIR

ठाणे CGST भ्रष्टाचार मामला: CBI की FIR के बाद नगर निकायों तक पहुंची जांच, तीन आरोपी नामजद

मुंबई/ठाणे। ठाणे ग्रामीण CGST से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में अब जांच का दायरा बढ़ता नजर आ रहा है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की एंटी करप्शन ब्रांच, मुंबई द्वारा दर्ज FIR के बाद यह मामला सिर्फ जीएसटी विभाग तक सीमित नहीं रहकर नगर निकायों तक भी पहुंच गया है।

यह कार्रवाई 10 अप्रैल 2026 को एक शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें संगठित भ्रष्टाचार तंत्र संचालित होने के आरोप लगाए गए थे।

FIR में कौन-कौन आरोपी?

CBI द्वारा दर्ज FIR संख्या RC0262026A0007 में तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है:

  • मोहित शर्मा (तत्कालीन अधीक्षक, CGST ठाणे ग्रामीण)
  • उदय शिवराज कालशेट्टी (M/s S.K. Enterprises)
  • किरण व्यास (निजी व्यक्ति)

आरोप है कि वर्ष 2025 के दौरान GST जांच को प्रभावित करने और पेनल्टी रिकवरी रोकने के बदले लगभग 15 लाख रुपये की रिश्वत मांगी और स्वीकार की गई।

नगर निकायों से क्या है कनेक्शन?

शिकायत में दावा किया गया है कि ठेकेदारों और GST अधिकारियों के बीच एक अनौपचारिक “समन्वय तंत्र” सक्रिय था, जिसके जरिए:

  • इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) में हेरफेर
  • नकद लेनदेन और काले धन का निर्माण
  • ठेका और बिलिंग प्रक्रिया में अनियमितता

जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा था।

जिन नगर निकायों का उल्लेख सामने आया है:

  • कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC)
  • उल्हासनगर महानगरपालिका
  • अंबरनाथ नगर परिषद
  • बदलापुर नगर परिषद
जांच का दायरा बढ़ने के संकेत

CBI ने प्रारंभिक जांच के बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A के तहत अनुमति लेकर केस दर्ज किया है।
फिलहाल तीन आरोपी हैं, लेकिन जांच आगे बढ़कर:

  • नगर निकायों के ठेकों
  • GST क्रेडिट क्लेम
  • बिलिंग सिस्टम
  • साइट स्तर के लेनदेन

तक पहुंच सकती है।

राजस्व और पारदर्शिता पर असर

इन क्षेत्रों में हाल के वर्षों में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट हुए हैं। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो:

  • सरकारी राजस्व को नुकसान
  • पारदर्शिता पर सवाल
  • ठेका प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।

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