*पद्मावती पर बयान से बवाल, स्वरा से माफी मांगने को बोलीं वैशाली नरुला*
*उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की सदस्य ने कहा- वीरांगनाओं के बलिदान को कायरता के चश्मे से देखना इतिहास का अपमान*
देहरादून (सुनिए सरकार)। अभिनेत्री स्वरा भास्कर की रानी पद्मावती और जौहर को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद अब उत्तराखंड तक पहुंच गया है। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की सदस्य वैशाली नरुला ने स्वरा भास्कर के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
वैशाली नरुला ने 4 सितंबर को ‘सुनिए सरकार’ को भेजे पत्र में कहा कि रानी पद्मावती का जौहर तत्कालीन परिस्थितियों में सम्मान, स्वाभिमान और अस्मिता की रक्षा के लिए किया गया ऐतिहासिक बलिदान था। इसे कायरता के रूप में देखना या प्रस्तुत करना राजपूत वीरांगनाओं के त्याग और इतिहास के साथ न्याय नहीं है।
उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास में राजपूत समाज और उसकी वीरांगनाओं का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान, राणा सांगा और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे ऐतिहासिक योद्धाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश के इतिहास और संस्कृति के निर्माण में वीर महिलाओं के त्याग और संघर्ष को भी भुलाया नहीं जा सकता।
*‘इतिहास को आज के चश्मे से न देखें’*
वैशाली नरुला ने कहा कि ऐतिहासिक घटनाओं को उस दौर की सामाजिक, राजनीतिक और परिस्थितिजन्य पृष्ठभूमि में समझना चाहिए। उनका कहना है कि सदियों पुरानी घटनाओं को वर्तमान परिस्थितियों के पैमाने से आंकने पर इतिहास की मूल भावना और उस समय के संघर्ष को समझना मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने स्वरा भास्कर से राजपूत समाज की वीरांगना रानियों के सम्मान का ध्यान रखने और अपनी टिप्पणी को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
*बयान पर विवाद, स्वरा ने दी सफाई*
दरअसल, 31 अगस्त को दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान स्वरा भास्कर ने पद्मावत फिल्म में जौहर के चित्रण और उसके संभावित सामाजिक प्रभाव को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी टिप्पणी को लेकर विवाद शुरू हो गया। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि उन्होंने जौहर करने वाली महिलाओं को ‘कायर’ बताया।
हालांकि, स्वरा भास्कर ने बाद में इस आरोप से इनकार करते हुए सफाई दी कि उन्होंने रानी पद्मिनी को कायर नहीं कहा और उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया।
इसके बावजूद विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। अब वैशाली नरुला की आपत्ति और सार्वजनिक माफी की मांग ने इस मुद्दे को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
