Dehradun News: हर्रावाला, रुड़की व कोटद्वार रेलवे स्टेशन का होगा कायाकल्प

मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में रेल अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा

-रुड़की–देवबंद रेल लाइन शुरू, ऋषिकेश–कर्णप्रयाग रेल परियोजना के सुरंगों का 94 प्रतिशत काम पूरा
-टनकपुर स्टेशन पुनर्विकास व कुंभ तैयारी को लेकर मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हर्रावाला, रुड़की व कोटद्वार रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जाएगा। इसमें नए स्टेशन भवनों का निर्माण, एसी प्रतीक्षालय, फूड कोर्ट, दिव्यांगजन एवं पैदल यात्रियों के अनुकूल डिजाइन, प्लेटफार्म ऊंचाई का मानकीकरण, प्लेटफार्म शेड, नए व चौड़े फुट ओवर ब्रिज व आधुनिक सर्कुलेटिंग व पार्किंग क्षेत्र का निर्माण किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को सीएम आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से डीआरएम मुरादाबाद विनीता श्रीवास्तव ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान राज्य में रेल अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण के साथ अन्य रेल परियोजनाओं पर चर्चा की।

सीएम धामी ने इकबालपुर आरओबी, जिसमें पीडब्ल्यूडी के पास अप्रोच भूमि लंबित है, धनौरा आरओबी के लिए रक्षा भूमि से संबंधित लंबित प्रकरण के शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। साथ ही लक्सर एलएचएस, जिसे उच्च जलस्तर के कारण संशोधित किया गया है और जहां दोपहिया वाहनों के अनुकूल फुट ओवर ब्रिज प्रस्तावित है, जैसे कार्यों पर राज्य व रेलवे के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार–देहरादून रेल खंड की क्षमता वृद्धि योजना की समीक्षा करते हुए बताया कि हर्रावाला में 24-कोच हैंडलिंग सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, जिसमें लूप लाइन विस्तार एवं गति वृद्धि के लक्ष्य शामिल हैं। इस परियोजना के तहत वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सहयोग से वन्यजीव न्यूनीकरण योजना तैयार की जा रही है। सीएम ने निर्देश दिए कि टनकपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।

डीआरएम ने बताया कि रुड़की से देवबंद को जोड़ने वाली नई रेलवे लाइन परियोजना (27.45 किलोमीटर) शुरू कर दी गई। इसके तहत बनहेड़ा खास व झबरेड़ा में नए रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया गया है। इसके अलावा राज्य के प्रमुख रेल मार्गों पर गति वृद्धि से संबंधित कार्य पूरे किए गए हैं, जिसमें लक्सर–हरिद्वार रेल खंड को 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक उन्नत किया गया है, जबकि सहारनपुर–हरिद्वार खंड को 110 किलोमीटर प्रति घंटा करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है। 130 किलोमीटर प्रति घंटा गति लक्ष्य करने के लिए डीपीआर स्वीकृत की जा चुकी है। दीर्घकालिक रूप से 160 किलोमीटर प्रति घंटा गति के लिए मार्गों की पहचान की गई है।
उत्तराखंड में लक्सर, लंढौरा–धनौरा, रुड़की, चोड़ीआला एवं ऐथल समेत कई स्थानों पर आरओबी, आरयूबी व एलएचएस से संबंधित काम पूरे किए गए, जिससे रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा वृद्धि हुई है। हरिद्वार व देहरादून रेलवे स्टेशनों के लिए क्षमता वृद्धि के पुनर्विकास प्रस्तावित है, जिसमें विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएं, आइकॉनिक टर्मिनल डिज़ाइन, आगमन व प्रस्थान का पृथक्करण और बेहतर बाह्य यातायात व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके साथ ही योग नगरी ऋषिकेश से कर्णप्रयाग को जोड़ने वाली नई रेलवे लाइन परियोजना निर्माणाधीन है, जिसकी कुल लंबाई 125.20 किलोमीटर है। इस परियोजना में मार्ग में 12 स्टेशन, 35 पुल एवं 17 सुरंगें शामिल हैं। प्रमुख सुरंगों का कार्य लगभग 94 प्रतिशत पूरा किया जा चुका है।
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राज्य में नए माल टर्मिनलों का निर्माण
डीआरएम ने बताया कि राज्य में नए माल टर्मिनलों के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिसमें पथरी में एकीकृत माल टर्मिनल सुविधा का विकास व पथरी व ज्वालापुर स्टेशनों को एलएमवी लोडिंग के लिए उन्नत किया जा रहा है।

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