पाटी (चंपावत)। ग्राम पंचायत रौलामेल में 2015-16 में किसानों के हित और ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्य को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 86 लाख रुपये से कृषि और सामुदायिक भवन का निर्माण किया था। इसके बनने के बाद करीब 16 गांवों के लोगों की उम्मीद जगी थी कि उन्हें खाद, बीज, किटनाश, पौधे और कृषि उपकरण लेने के लिए 15 से 20 किमी दूर पाटी नहीं जानी होगा। लेकिन ग्रामीणों की यह सोच 10 साल बीतने के बाद भी पूरी नहीं हो पाई गई। भवन बनने के बाद यह भवन पाटी ब्लॉक को हस्तांतरण भी हो गया लेकिन भवन में कोई भी कर्मी और अधिकारी नहीं है। देखरेख के अभाव में भवन में झाड़ियां उगने से जर्जर होता जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भवन में कर्मियों और अधिकारियों के न रहने से कमरों की खिड़कियां-दरवाजे टूटने लगे हैं। पंखे और लाइट को अराजक तत्वों ने चुरा लिया है। 48.78 लाख रुपये से सामुदायिक भवन, कृषि विपणन केंद्र और 37.11 रुपये से ग्राम विकास अधिकारी, सहायक कृषि अधिकारी के आवास बनाए गए। इसके अलावा एक भावन दो अधिकारियों के रहने और कृषि उपकरण बिक्री भंडार के लिए बनाया गया था। न्याय पंचायत रौलामेल में कूंण, चखड़िया, मैरोली, कनारी, भुम्वाड़ी, झलकपुर, रीठा, छोड़ागांव, करौली, नैनी, लड़ा, लखनपुर, बडे़त, निलौटी, कोटा आदि गांवों की लगभग पांच हजार की आबादी शामिल हैं।
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भवन बनने के बाद पाटी ब्लॉक को हस्तांतरण भी हो गया लेकिन 10 साल बीतने के बाद भी किसी अधिकारी और कर्मचारी ने भवन में निवास नहीं किया। देखरेख के अभाव में भवन की खिड़कियां-दरवाजे टूटने लगने हैं। – रविंद्र लडवाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य, रौलामेल।
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ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कई बार कृषि और सामुदायिक भवन को संचालित करने की मांग की है। न लंबे समय से भवन के बंद होने से लोगों को कृषि उपकरण बीज, खाद लेने के लिए 15 से 20 किमी दूर जाना पड़ रहा हैं। – प्रकाश सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य, भुम्वाड़ी।
